आत्मबोध, पारिवारिक व सामाजिक विसंगतियां और चेतना का विकास
Vivek Umrao Glendenning प्रस्तावना मानव समाज के विकास क्रम में, सफलता, सार्थकता और जीवन के उद्देश्यों के मापदंड प्रायः भौतिक संपदा के संचय, सामाजिक पदानुक्रम में उच्च स्थिति की प्राप्ति और व्यक्तिगत अहंकार की कुंठित-संतुष्टि इत्यादि तक सीमित कर दिए गए हैं। आधुनिक पूंजीवादी और उपभोक्तावादी व्यवस्था ने इन मापदंडों को इस प्रकार स्थापित […]