लगता था तुम सभ्य हो गये हो –Sanjay Jothe

Sanjay Jothe

[themify_hr color=”red”]

लगता था तुम्हारे पुराण
अतीत ही में कहीं छूट से गये हैं
लगता था तुम सभ्य हो गये हो
अपने जहरीले धर्म से आगे बढ़ गये हो

लेकिन हम सब गलत थे

न तुम बदले
न तुम्हारे पुराण बदले
न पुराण बुद्धि बदली
न तुम्हारा धर्म ही बदला

लगता था मुगलों, तुर्कों, ब्रिटिशों ने
तुम्हे सभ्य बना दिया है
कि छोड़ दी हैं तुमने वे जहरीली तरकीबें
अपनों से अपनों को ही लडाते रहने की
कि सीख ली है तुमने भाषा
सभ्यता विकास और लोकतंत्र की
कि बढ़ चले हो तुम उस नये उजास की ओर
जिसे अर्जित करने की तुम्हारी कोई योग्यता तो नहीं थी
लेकिन तुम्हे दिया जरुर गया था

आज इस सबको झुठला दिया तुमने

तुमने सिद्ध कर दिया
कि तुम सनातन ही हो

तुम्हारा रोग
तुम्हारी जड़ता
तुम्हारी मूर्खता
और तुम्हारा शोषण

सच में सनातन है

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More posts