शाम ए गम की कसम, आज ग़मगीन है हम.. : दिलीप कुमार को श्रद्धांजलि — Vidya Bhushan Rawat

Vidya Bhushan Rawat 1922-12-11 to 2021-07-07दिलीप कुमार हिनुद्स्तानी सिनेमा का सबसे बड़ा नाम जिसे देख कर हम बड़े हुए और सिनेमा के रुपहले परदे पर जो नायको का नायक था. दिलीप कुमार उस युग का प्रतीक भी है जिसकी नीव आज़ादी के आन्दोलन के दौरान पडी और जिसे अपनी वैचारिक निष्ठा से प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु ने सींचा. किसी भी देश काल का सिनेमा उस देश की समकालीन राजनैतिक परिद्रश्य… Continue reading

ऑस्ट्रेलिया हेरिटेज रेलगाड़ियां : स्लीपर, भोजन-कक्ष इत्यादि — Vivek Umrao

Vivek Umrao “सामाजिक यायावर”मुख्य संपादक, संस्थापक – ग्राउंड रिपोर्ट इंडियाकैनबरा, आस्ट्रेलिया ऑस्ट्रेलिया में पुरानी (हेरिटेज) रेलगाड़ियां कुछ यूं होती थीं : भोजन-कक्ष, सोने की व्यवस्था इत्यादिभोजन कक्षयात्री कक्षस्लीपर क्लासस्लीपर कोचस्टीम-इंजन (लगभग 150 वर्ष पुराना)हेरिटेज रेल-बस बच्चे स्टीम-इंजन के कलपुर्जों को समझते हुए फोटो व वीडियो क्रेडिट — विवेक उमराव Vivek Umrao Glendenning “Samajik Yayavar”The Founder and the Chief Editor, the Ground Report India groupThe Vice-Chancellor and founder, the Gokul Social University,… Continue reading

क्या वैवस्वत मनु के राज्याभिषेक से सप्तर्षि संवत प्रारम्भ हुआ? — Dr Surendra Bisht

Dr Surendra Bisht भारतीय परंपरा में उपलब्ध सबसे प्राचीन सप्तर्षि संवत है जो 6777 ईसा पूर्व (6777 BCE) से प्रारंभ होता है। इसकी जानकारी पुराणों में उपलब्ध है और पंडित चंद्रकांत बाली जी का निष्कर्ष है कि इसे यूनानी इतिहासकारों ने भी लिखकर सुरक्षित किया है। उन्नीसवीं सदी (1883) में ‘बुक ऑफ इंडियन इराज’ के लेखक कंनिंगघम ने भी इस 6777 ईसा पूर्व से प्रारंभ होने वाले सप्तर्षि संवत को… Continue reading

सरकारी नौकरी प्रतियोगी परीक्षा के छात्र की कहानी — Er Akhilesh Pradhan

Er Akhilesh Pradhan अगर पाठक भावुक कर देने वाले किसी लेख की उम्मीद में हैं तो आपको इस लेख का पहला पैराग्राफ ही निराश कर सकता है, इसलिए आप यहीं से पढ़ना बंद कर सकते हैं।एक प्रतियोगी परीक्षा का छात्र ग्रेजुएट होने के बाद जिस दिन सरकारी नौकरी की चाह में कोंचिग/ट्यूशन लेना शुरू करता है। पहले दिन से ही उसके भीतर की अभूतपूर्व संभावनाओं का ह्रास होना शुरू हो… Continue reading

कोरोना :: लाकडाउन बनाम प्रवासी महापलायन — Bimal Siddharth

Bimal Siddharth मज़दूरों का पलायन जब शुरू हुआ तो मुझे भी लगा कि उन्हें लॉक डाउन का पालन करना चाहिए। जहाँ हैं वहीं रुक कर करोना संक्रमण को रोकना चाहिए। लॉक डाउन का प्रधानमंत्री का फ़ैसला भी जायज़ लगा था। लगा कि सरकार करोना संकट के प्रति गम्भीर है और युद्ध स्तर पर योजनाएँ बनाते हुए कार्यवाई करेगी। किसी भी वाइरस संक्रमण को रोकने का पहला क़दम टेस्टिंग है। इसके… Continue reading

वीडियो — घरेलू कूड़ा-संग्रह : कैनबरा, ऑस्ट्रेलिया — Vivek Umrao

Vivek Umrao “सामाजिक यायावर”मुख्य संपादक, संस्थापक – ग्राउंड रिपोर्ट इंडियाकैनबरा, आस्ट्रेलिया कैनबरा में जनरल-कूड़ा, रिसाइकिल-कूड़ा व ग्रीन-कूड़ा तीन प्रकार के घरेलू कूड़ा-संग्रह का काम कैनबरा-सरकार करती है।जनरल-कूड़ा : हर सप्ताह (महीने में चार बार)रिसाइकिल-कूड़ा : एक सप्ताह छोड़कर (महीने में दो बार) ग्रीन-कूड़ा : एक सप्ताह छोड़कर (महीने में दो बार) जिस सप्ताह रिसाइकिल-कूड़ा का संग्रह नहीं होता, उस सप्ताह ग्रीन-कूड़ा का संग्रह होता है। जिस सप्ताह ग्रीन-कूड़ा का संग्रह नहीं होता,… Continue reading

भारत में स्वास्थय सेवाओं का हाल — Prof Abhishek K Pandey

Abhishek Kumar PandeyAssistant ProfessorDepartment of Botany,Kalinga University, Raipur, Chhattisgarh पूरे विश्व के साथ- साथ भारत की लड़ाई भी कोरोना से चल रही है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और उनकी दूरदर्शिता के कारण भारत यूरोप जैसी विस्फोटक स्थिति का सामना नहीं कर रहा नहीं तो हालात बद से बदतर होते तथा किसी भी सरकार के लिए इसका सामना करना बिल्कुल असंभव हो जाता वर्तमान में इस लेख के लिखे… Continue reading

चीन का कपटी-साम्यवाद व फर्जी-विकास बनाम भारत में चीन के अंध-भगत लोग : फोटो लेख — Vivek Umrao

Vivek Umrao “सामाजिक यायावर”मुख्य संपादक, संस्थापक – ग्राउंड रिपोर्ट इंडियाकैनबरा, आस्ट्रेलिया हेडलाइन लेखक के दो शब्दचीन के अंध-भक्त (भगत-गण)चीन देश की कुछ फोटो— शहरी-अभिजात्यीय चकाचौंध— असली चेहरा (फर्जी-विकास)चीन का कपटी-साम्यवादचीन की GDPउपसंहार लेखक के दो शब्दमैं जब भी चीन की बात करता हूं, जब भी यह कहने का प्रयास करता हूं कि चीन साम्यवादी देश नहीं है, साम्यवाद के नाम पर धूर्तता से लोगों को मूर्ख बनाता आ रहा है। चीन… Continue reading

भारत में संविधान-संशोधन के द्वारा कम से कम तीन वर्षों के लिए स्वास्थ्य-आपातकाल-कानून लागू कर देना चाहिए — Vivek Umrao

Vivek Umrao “सामाजिक यायावर”मुख्य संपादक, संस्थापक – ग्राउंड रिपोर्ट इंडियाकैनबरा, आस्ट्रेलिया Contents कोरोना-टेस्टिंगसर्वोच्च शासन संचालन समितिकैबिनेट-सचिव-समिति / मुख्य-सचिव-समितिफंड का इंतजामआपातकाल अवधिलाकडाउन पर लेख यदि भारत को आर्थिक व सामाजिक रूप से बचाना है तो भारत सरकार के प्रधानमंत्री को देश व देश के लोगों के हित के लिए अगले कम से कम तीन वर्षों के लिए संविधान-संशोधन करके स्वास्थ्य-आपातकाल की घोषणा कर देनी चाहिए। संसद का विशेष सत्र बुलाकर, स्वास्थ्य-आपातकाल-कानून… Continue reading

ऑस्ट्रेलिया व लाकडाउन — Vivek Umrao

Vivek Umrao “सामाजिक यायावर”मुख्य संपादक, संस्थापक – ग्राउंड रिपोर्ट इंडियाकैनबरा, आस्ट्रेलिया ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री दुनिया के एकमात्र नेता हैं, जिन्होंने अपने देशवासियों से अपनी पहली बातचीत में ही बिलकुल स्पष्ट कहा कि यह जो हो रहा है वह मानव जाति के इतिहास में नहीं हुआ। हम नहीं जानते कि हमें कब तक इससे लड़ना पड़ेगा, लेकिन हम लड़ेंगे, हम देश के लोग साथ मिलकर लड़ेंगे। ऑस्ट्रेलिया प्रधानमंत्री ने पहले दिन से… Continue reading