4 Responses to बिहार: 40 से अधिक गांवों के 25000 लोगों के गोकुल सामाजिक विश्वविद्यालय के तत्वावधान में लगभग 6 साल के अथक परिश्रम से 5 करोड़ रुपए की लागत का जल-संरक्षण बांध व मजबूत चट्टानों का पहाड़ काट कर नहर बनाई तथा रामरेखा नदी को पुनर्जीवित किया

  1. सचिन भंडारी says:

    गोकुल सामाजिक विश्वविद्यालय के करता धर्ताओं, संस्थापक, वाईस चांसलर, गांव वालों, उनकी हिम्मत और लगन को साष्टांग प्रणाम।

  2. maheshkantpathak says:

    बहुत ही sargarvitreoortधन्यवाद इसतरह के आलेख से मन नै उर्जा से भर जाता है प्रशंशनीय कार्य

  3. रेखा अढाव says:

    बढिया! रामरेखा के कामसे सबमे व्यवसथा के प्रती जिमेदारी का भाव अऔर विश्वास बढेगा

    • व्यवस्था के प्रति नहीं समाज बिना प्रशासनिक व राजनैतिक व्यवस्थाओं के अपना काम स्वयं कर सकता है, इसके प्रति विश्वास बढ़ेगा।

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