अंत की शुरूआत

Kumar Vikram

अंत में उसने कहा था
कि अंत में सब ठीक हो जाएगा
अंतत: सबक़ा भला होगा
मैंने सोचा था
अंत अंत में ही आएगा
मुझे यह इल्म नहीं था
कि अंत दरअसल
एक रोज़ाना ख़बर थी
और अंत अंत में नहीं
बल्कि हर पल
आने वाले अंत की
एक बानगी दिखाता जाएगा
शायद मेरी ही तरह
उसे भी यह अंदाज़ा नहीं था
कि वह जिस अंत की बात कर रहा था
वह दरअसल अंत नहीं
बल्कि अंत की सिर्फ़ शुरूआत थी।