गधा पचीसी

Vimal Kumar


मैं एक गधा हूँ
चाहूँ तो कुछ भी बन सकता हूँ
चुनाव में खड़ा भी हो सकता हूँ
किसी योग्य उम्मीदवार को हरा कर
जीत भी सकता हूँ

फिर मंत्री भी बन सकता हूँ

फिर एक दिन
इस मुल्क का प्रधानमंत्री भी
मैं एक गधाहूँ
अपने मालिक का बहुत वफादार हूँ
इसलिए तो नहीं किसी बातसे शर्मशार हूँ
फिर क्या कुछ भी बनसकता हूँ

अगर कुछ लिखने आता हो
तो अखबार में
आता हो कुछ बोलने उटपटांग
तो टी वी का पत्रकार
भी बन सकताहूँ

तेल मालिश की कला में अगर हूँ
निपुण
तो सम्पादक भी बन सकता हूँ

मैं एक गधा हूँ
इसलिए हाँ में हाँ मिलाने की कला अच्छी तरह जानता हूँ
हुक्म तामिल करने आता हो
अगर १८० फीटका तिरंगा लहरादूँ
तो किसी विश्विद्यालय का कुलपति भी बन सकता हूँ .

मैं एक गधा हूँ
लेकिन जन्म से नहीं
बल्कि डिग्री से
इसलिए कुछभी बन सकता हूँ
किसी अकेडमी का अध्यक्ष
फिर क्या पुरस्कार भी झटक सकता हूँ

बहुत सरे गधे हैं
इस मुल्क में
उनमे एक मैं भीहूँ
गधों के मेले में हूँ
खड़ा
बिकने के इंतज़ार में

ढेन्चू ढेन्चू कर सकता हूँ मैं
किसी के प्यार में

मैं एक गधा हूँ
इसलिए आप यह न कहें
यार इस उम्र मे
आखिर
तुम भी क्या करते हो
इसतरह
गदह पचीसी


फेसबुक वाल से साभार