भ्रूण नहीं होते है अवैध

भंवर मेघवंशी


वैध या अवैध
नहीं होते है भ्रूण
वे तो सिर्फ भ्रूण होते है.

नहीं होती है संतानें
कभी भी नाज़ायज
रिश्ते भी नहीं होते अवैध
जुड़ना भला
कैसे हो सकता है अवैध !

जब जुड़ते है दो जन
तब ही तो बनते है रिश्ते.
धर्म,कानून,समाज
प्रथाएं और खांपें होती है
अवैध.

भ्रूण तो कुदरती है
और रिश्ते रूहानी होते है
भ्रूण सजीवन होते है
प्रारम्भ से,
वे कभी नहीं होते है शून्य.

भ्रूण ही तो थे हम सब
पैदा होने से पहले
नहीं जन्म पाते तो
कैसे बनते स्त्री या पुरूष ?

इसलिये हे शरीफ लोगो
मत मारों भ्रूणों को,
उनको पनपने दो
जन्मने दो उनको.
मत फैंको उनको
नालियों,झाड़ियों
सड़को और कचरा पात्रों में.

जीवन का आरम्भ है भ्रूण
सभ्यता का अवलम्ब है भ्रूण
जीने दो उनको
जन्मने के लिये.

मत करो
भ्रूणों की भ्रूण हत्या
क्योॆकि
भ्रूण नहीं होते है
कभी भी अवैध.

-भँवर मेघवंशी
(स्वतंत्र पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता )

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