आम समाज की हीरो पिंकी

बनारस जिले की तहसील राजा तालाब के गांव ‘मेहदीगंज’ की पिंकी जिसकी उम्र लगभग 17 वर्ष है और 11वीं कक्षा में पढ़ती है।

पिछले 6 – 7 वर्ष से अपनी माता के साथ मिलकर अपने परिवार का पालन पोषण करती है और अपनी पढ़ाई भी करती है|
लगभग 11 वर्ष की उम्र से पिंकी रोज सुबह जल्दी उठती है।
खेत जाकर सब्जी तोड़ती है।
सब्जी को साइकिल ठेला में लादती है।
साइकिल ठेला चलाकर सब्जी मंडी पहुंचती है, सब्जी बेचती है।
सब्जी बेचकर घर लौटती है और स्कूल पढ़ने जाती है।

11 वर्ष की जिस छोटी सी उम्र में बच्चों को अपने कपड़े धोने का भी शऊर नहीं होता है,
उस उम्र में पिंकी साइकिल ठेला में सब्जी लादकर सब्जी मंडी में सब्जी बेचने लगी थी।
और दो बार स्थानीय स्तर पर आयोजित साइकिल मैराथन जीत चुकी है।

पिंकी को व पिंकी जैसी कर्मठ, संघर्षशील, प्रतिभावान व जुझारू बच्चियों को तहेदिल से सलाम।

विवेक ‘नोमेड’
सामाजिक यायावर

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