भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश महासंघ : असंभव नहीं केवल ईमानदार भावना व दूरदृष्टि चाहिए

Vivek Umrao “सामाजिक यायावर”मुख्य संपादक, संस्थापक – ग्राउंड रिपोर्ट इंडियाकैनबरा, आस्ट्रेलिया दरअसल हम भारतीयों में से अधिकतर लोग अपने मन के अंदर नफरत व तिरस्कार की बहुत गहरी परतों को बनाते हुए अपना जीवन जीते हैं। हमारे रोजमर्रा के जीवन का आधार प्रेम न होकर ईर्ष्या द्वेष जलन इत्यादि होता है। यही कारण है कि वयस्क होने के पहले ही भाई-भाई, भाई-बहन, बहन-बहन तक में ईर्ष्या जलन व नफरत इत्यादि… Continue reading

बांग्लादेश — इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास

Vivek Umrao “सामाजिक यायावर”मुख्य संपादक, संस्थापक – ग्राउंड रिपोर्ट इंडियाकैनबरा, आस्ट्रेलिया ढाका, राष्ट्रीय राजधानी बांग्लादेश बांग्लादेश का नाम आते ही हम भारतीयों के जेहन में ऐसा चित्रण आता है जैसे भारत के किसी बहुत पिछड़े हुए गांव, जहां कोई सुविधाएं नहीं, लोग बाग किसी तरह घिसटते हुए जीवन गुजार रहे होते हैं। रहने के लिए ढंग के घर नहीं, ढंग की सड़के नहीं। स्कूल नहीं, यूनिवर्सिटी नहीं, सुख सुविधा नहीं।… Continue reading

भारतीय हिंदू-समाज को पाकिस्तान के प्रति नफरत व गलतफहमी से बाहर आना होगा : पाकिस्तान में इन्फ्रास्ट्रक्चर

Vivek Umrao “सामाजिक यायावर”मुख्य संपादक, संस्थापक – ग्राउंड रिपोर्ट इंडियाकैनबरा, आस्ट्रेलिया समय-समय पर भारत में नेताओं के बयान आते रहते हैं व आम लोग बातचीत में कहते रहते हैं कि पाकिस्तान भेज दो या पाकिस्तान चले जाओ। इसका मतलब यह निकलता है कि जैसे पाकिस्तान में लोग खानाबदोश की तरह रहते हैं। पाकिस्तान में सड़कें नहीं हैं, सुविधाएं नहीं, इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं हैं, शिक्षा नहीं है, नागरिक सुविधाएं नहीं हैं। ऐसा… Continue reading

विविध व विस्तृत स्वाध्याय बनाम विभिन्न प्रकार की भक्तई

Vivek Umrao “सामाजिक यायावर”​कैनबरा, आस्ट्रेलिया दरअसल भारतीय समाज में स्वाध्याय करने की आदत नहीं है। माता-पिता, परिवार, रिश्तेदार व समाज स्वाध्याय को बच्चों के बचपन से ही भयंकर रूप से हतोत्साहित करता है, हतोत्साहित ही नहीं करता तिरस्कृत भी करता है, उपहास भी उड़ाता है। यहां तक कि यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों के साथ भी यही होता है, वैसे भी ऐसे माहौल में पलने बढ़ने के कारण तथा रोजगार… Continue reading

प्रदूषण बनाम समाज

Vivek Umrao “सामाजिक यायावर”​कैनबरा, आस्ट्रेलिया अपने भारतीय समाज में प्रदूषण की बात कीजिए तो लोग बहुत चौड़े से बताते हैं कि वे बहुत जागरूक हैं, इसलिए साल में दस-बीस-पचास पेड़ों को गढ्ढा खोदकर पौधारोपड़ कर देते हैं। कुछ लोग अपने घरों में दस-बीस-सौ-पचास गमलों में फूल व सब्जी भी उगा लेते हैं। स्कूलों में अंताक्षरी करवा देते हैं। किसी अधिकारी या नेता या सेलिब्रिटी को बुलवा कर भाषण करवा देते… Continue reading

प्राथमिक शिक्षा का मतलब चकाचौंध नहीं

Vivek Umrao “सामाजिक यायावर”​कैनबरा, आस्ट्रेलिया इस फोटो-लेख में दी गईं फोटो ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय राजधानी कैनबरा के एक स्कूल की हैं। यह स्कूल पांच साढ़े-पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए है। छोटे बच्चों के लिए कैनबरा ही नहीं ऑस्ट्रेलिया के सबसे बेहतरीन स्कूलों में से एक। इस स्कूल ने आलीशान भवन नहीं खड़ा किया। लकड़ी से बने एक पुराने घर को स्कूल में बदल दिया गया। बच्चों… Continue reading

आग, बचाव व बच्चों का प्रशिक्षण — Vivek Umrao Glendenning

Vivek Umrao “सामाजिक यायावर”​कैनबरा, आस्ट्रेलिया ​ऑस्ट्रेलिया में आग व बचाव सेवाएं कहा जाता है, बहुत महत्वपूर्ण व सम्मानित सेवा मानी जाती है। छोटे-छोटे बच्चों के लिए वर्ष में कई बार कार्यक्रम आयोजित होते हैं। छोटे-छोटे बच्चों जिनको ढंग से चलना व बोलना तक नहीं आता, उन बच्चों को भी आग व बचाव सेवाओं के वाहनों व यंत्रों से परिचित करवाया जाता है। पूरा का पूरा अत्याधुनिक वाहन बच्चों के हवाले… Continue reading