लहसुन व जुकीनी के सिरका वाले अचार बनाने की घरेलू विधि

Vivek “सामाजिक यायावर”

आज हमने सेब से बने सिरका में लहसुन व जुकीनी के अचार रख दिए। यहां सिडनी में भारतीय दुकानों से खरीदे गए तेल से बनाए गए अचारों के जारों को धो कर, सुखाकर अपने द्वारा बनाए गए सिरका के अचारों में प्रयोग कर लिया। थोड़ा देशी पुट भी हो गया। लहसुन का अचार बहुत आसान है, जुकीनी वाले में कुछ झाम करना पड़ता है। जुकीनी की खोज अमेरिका महाद्वीप में हुई थी। वैज्ञानिकी श्रेणियों के रूप में यह एक फल है लेकिन सब्जियों की तरह प्रयोग किया जाता है। तरोई/तोरी व जुकीनी में अंतर होता है। तरोई को लुफ्फा या चाइनीज ओकरा के नाम से जाना जाता है।

बाएं- लहसुन, दाएं-जुकीनी

लहसुन का सिरका वाला अचार:

लहसुन को छील लें, एक लहसुन की कली को या तो दो टुकड़ों में लंबाई में काट लीजिए या यदि कली छोटी हो तो समूची रहने दीजिए।

यदि एक कप लहसुन है तो एक तिहाई कप सिरका व दो तिहाई कप पानी में सरसों (थोडा सा कूट लीजिए), नमक, मिर्च पाउडर, शक्कर, सौंफ, मेथी, काली मिर्च इत्यादि अपने स्वादानुसार मिलाकर उबलने तक गर्म कीजिए, गर्म करते समय चम्मच से चलाते भी रहिए ताकि नमक व शक्कर अच्छी तरह से मिल जाए। (लहसुन को इसमें नहीं डालेंगे)

एक दूसरे पात्र में इतना पानी डालकर उबलने तक गर्म कीजिए कि एक कप लहसुन पूरी तरह डूब जाए। जब पानी उबलने तक गर्म हो जाए तो गैस बंद करके पात्र में लहसुन डाल दीजिए, कुछ मिनट तक लहसुन उसमें पड़ा रहने दीजिए। पानी से लहसुन को निकाल कर कुछ मिनट तक सुखा लीजिए।

लहसुन को कांच के एक जार में डाल दीजिए, लहसुन डालने के बाद सिरका पानी व मसालों का जो मिक्सचर बनाए थे, उसको डाल दीजिए। जार का मुंह मजबूती से बंद कर दीजिए। जार को कुछ मिनट उल्टा करके रख दीजिए। फिर जार को सीधा करके ठंडा होने तक रख दीजिए। ठंडा होने पर फ्रिज में कुछ दिनों के लिए रख दीजिए।

जुकीनी का सिरका वाला अचार:

जुकीनी को छीलकर या बिना छीले जैसे आपकी इच्छा हो, चौड़ाई की ओर से पतले-पतले छल्लों के रूप में काट लीजिए। एक तसले में जुकीनी के छल्लों को रख दें, उन पर नमक छिड़क दें, उछाल-उछाल कर हिलाएं ताकि सभी छल्लों पर नमक पहुंच जाए। अब इसको ढककर लगभग एक घंटे के लिए रख दीजिए।

एक घंटे बाद आप देखेंगे कि जुकीनी ने नमक के कारण पानी छोड़ा है। जुकीनी के छोड़े हुए पानी को फेंक सकते हैं या यदि आप पीना चाहें तो पी भी सकते हैं (नमक के कारण नमकीन बहुत होगा)। जुकीनी के छल्लों पर जो पानी होगा उसको भी कागज वाले टिशू पेपर से या पेपर टावल से या किसी अन्य विधि से सुखा लें।

पानी व सिरका के घोल की मात्रा इतना होनी चाहिए कि घोल में जब जुकीनी डाली जाए तब अच्छी तरह डूब जाए, घोल कुछ ऊपर तक भी रहे। पानी व सिरके का अनुपात एक तिहाई सिरका व दो तिहाई पानी होना चाहिए।

पानी व सिरके के घोल में सरसों (कूटकर), नमक, शक्कर, मिर्च, हींग, हल्दी इत्यादि डालकर उबलने तक गर्म करें, थोड़ी देर उबलनें दें (एक या दो मिनट), चम्मच से चलाते रहें। ठंडा होने दीजिए।

जुकीनी के छल्लों और इस को अच्छी तरह मिला कर जार में डाल दीजिए। जार को मजबूती से बंद करके कुछ देर तक उल्टा रख दीजिए। फिर कुछ दिनों के लिए फ्रिज में रख दीजिए।

खाइए व खिलाइए।

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