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चाकलेट प्रेमियों के लिए: Yummsss (यम्म्‌स्स्स) हाथ से बनाई अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता की चाकलेट, भोपाल, मध्यप्रदेश

Vivek Umrao Glendenning

मैं भारत में अपने मित्रों से कहा करता हूँ कि यदि भारत में हाथ से बनी अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता की चाकलेट का स्वाद लेना है वह भी तर्कसंगत कीमत पर तो आपको Yummsss की चाकलेट खानी चाहिए। जैसा कि नाम में ही दिखता है Yummy का Yumm मतलब बहुत ही स्वादिष्ट, फिर sss मतलब बिना मुंह से कुछ बोले केवल स्वाद का आनंद लीजिए, पूरा नाम हुआ Yummsss.

हुआ यूं कि अपने मित्र सचिन खरे व उनकी जीवन संगिनी ने सोचा कि क्यों न भारत में भी उचित कीमत पर हाथ से बनी असली चाकलेट लोगों को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने चाकलेट के बारे में अध्ययन करना शुरू किया। महीनों तक इंटरनेट में घंटों-घंटों चाकलेट से संबंधित जानकारियों व उपलब्ध दस्तावेजों का अध्ययन करते। कई देशों के लोगों से संपर्क करना शुरू किया ताकि इंटरनेट के बाहर की भी जानकारी उपलब्ध हो पाए।

खरे दंपत्ति को अहसास हुआ कि भारत में चाकलेट के नाम पर सुगर (शक्कर/चीनी) खिलाई, पिलाई जाती है। चाकलेट के असली स्वाद से बहुत लोग परिचित ही नहीं है। असली चाकलेट स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होती है, जबकि भारत में बेची जानी वाली अधिकतर चाकलेट शरीर के लिए नुकसानदायक होती है। 

Yummsss की शुरूअात:

कम-ज्यादा लगभग डेढ़ साल पहले खरे दंपत्ति ने भोपाल में Yummsss के बैनर तले हाथ से बनी चाकलेट बनानी शुरू की। असली व बेहतरीन स्वाद के लिए यह लोग बेल्जियम से भी चाकलेट मंगाते हैं, फिर बेल्जियम चाकलेट से अपने घर में चाकलेटों के विभिन्न संस्करण तैयार करते हैं। मानव शरीर के लिए कौन सा तत्व बेहतर है, इसका अध्ययन करते हुए, विभिन्न प्रकार के स्वाद-संस्करण तैयार करते हैं। स्वाद-संस्करणों की विभिन्नता के लिए रसायनों का प्रयोग करने की बजाय प्राकृतिक रूप से उपलब्ध फल, मेवा, ड्राई-फ्रूट्स, फूल, पत्ती, रस इत्यादि का प्रयोग करते हैं। डार्क चाकलेट भी उपलब्ध कराते हैं।

Yummsss बनाम बाजार व कीमत:

खरे दंपत्ति चाहता तो भोपाल के किसी पॉश इलाके में चाकलेट की दुकान खोल सकता था। दुकान के किराए, दो चार पांच लोगों को दुकान की रखवाली करने के लिए रखते। इस प्रकार के ऊंचे आवर्ती खर्चों के कारण चाकलेट की कीमतें ऊंची रखनी पड़तीं। लागत निकालने के लिए चाकलेट का पुराना स्टाक प्रयोग करना पड़ता। खराब हो चुकी चाकलेट को बहुत अच्छा बताते हुए बेचना पड़ता। चाकलेट की कीमतें कम से कम रख पाएं, चाकलेट के स्वाद व गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ करने के लिए विवश न होना पड़े इसलिए इन्होंने चाकलेट की कोई दुकान नहीं खोली।

इनका मुख्य उद्देश्य चाकलेट को उसके असली स्वाद व लाभदायक गुणों के साथ उपलब्ध कराना था। दंपत्ति ने विचार किया और निर्णय लिया कि जब तक बेहद आवश्यकता नहीं पड़ती है तब तक चाकलेट को घर में ही बनाया जाएगा व बिना किसी दुकान के आनलाइन बेचा जाएगा। घर में चाकलेट बनाते हैं, आनलाइन बेचते हैं। इनकी अपनी वेबसाइट है, जिस पर जाकर पूरे भारत से चाकलेट का आर्डर दिया जा सकता है। 

Yummsss व सामाजिक जिम्मेदारी:

खरे दंपत्ति चाकलेट से होने वाली आय का दस प्रतिशत से अधिक सामाजिक कार्यों में सहयोग करते हैं। समय-समय पर विकलांग, मूक, बधिर, अंधे व मानसिक रूप से अक्षम बच्चों के लिए स्वादिष्ट चाकलेट खिलाने का कार्यक्रम भी आयोजित करते रहते हैं।

चलते-चलते:

यदि मुझे भारत में किसी को मिठाई खिलानी होती है तो मैं यहीं सिडनी, आस्ट्रेलिया में बैठे-बैठे Yummsss की वेबसाइट में जाकर चाकलेटों का आनलाइन आर्डर कर देता हूँ। यदि आप चाहें तो आप अपने, अपने बच्चों, रिश्तेदारों, मित्रों व उनके बच्चों के जन्मदिनों में Yummsss की चाकलेट खिलाकर, उपहार देकर बच्चों को बेहतर चाकलेट उपलब्ध करा सकते हैं।

शादी के पहले लड़के-लड़कियों की देखा-दूखी में भी Yummsss की चाकलेट खिलाकर दाम्पत्य जीवन की संभावनाओं की शुरूआत असली स्वाद से कर सकते हैं।

आप में से जो लोग अफोर्ड कर सकते हों वे प्रतिदिन अपना दिन हाथ से बनी असली चाकलेट के स्वाद से शुरू कर सकते हैं।

यदि आप Yummsss की चाकलेट खा चुके हैं या खाने वाले हैं तो स्वाद कैसा रहा, यह बताना न भूलिएगा।

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