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  • तुम अपने बच्चों से तुरंत क्षमा मांगो — Prof Puneet Shukla

    तुम अपने बच्चों से तुरंत क्षमा मांगो — Prof Puneet Shukla

    Prof Puneet Shukla

    ​तुम
    अपने उन बच्चों से
    तुरन्त क्षमा माँगो
    जिनको तुमने
    केवल इस बात पर पीट दिया
    क्योंकि उन्होंने तुम्हारी बात नहीं मानी।

    तुम
    अपने उन बच्चों से
    तुरन्त क्षमा माँगो
    जिनको तुमने
    केवल इसलिए मार दिया या छोड़ दिया
    क्योंकि उन्होंने अपनी पसन्द का जीवनसाथी चुना।

    तुम
    अपने उन पड़ोसियों से
    तुरन्त क्षमा माँगो
    जिनको तुमने
    केवल इसलिये नफ़रत किया
    क्योंकि वे दूसरे धर्म, जाति या विचारधारा के व्यक्ति थे।

    तुम
    अपने उन पड़ोसियों से
    तुरन्त क्षमा माँगो
    जिनको तुमने
    केवल इसलिये सज़ा दिया
    क्योंकि उनके पूर्वजों ने कुछ गलतियाँ की थीं।

    तुम
    अगर इस तरह क्षमा माँगोगे तो
    तुम्हारी ग़लतियों में सुधार नहीं होगा
    लेकिन, यह संसार थोड़ा सा सुधर जायेगा
    और, आने वाली पीढ़ियों के लिये
    रहने लायक एक अच्छी दुनिया का निर्माण शुरू होगा।

    Prof Puneet Shukla

  • मैं तुम हूँ

    मैं तुम हूँ

    Puneet Shukla

    मैं तुम्हें जानता हूँ
    मैं उसे भी जानता हूँ
    मैं सबको जानता हूँ।

    तुम उसे जानते हो
    तुम मुझे नहीं जानते
    तुम मुझे जान ही नहीं सकते।

    तुम मुझे नहीं जानते, 
    इसका मतलब यह नहीं कि तुम असमर्थ हो
    दरअसल मुझे जाना ही नहीं जा सकता।

    मुझे देखना
    तुम्हें देखना है
    तुम तुमको नहीं देख सकते।

    जो न देखा जा सके
    जो न जाना जा सके
    वह मैं हूँ।

    जहाँ शब्द मौन हो जाएँ
    जहाँ इन्द्रियाँ जवाब दे जाएँ
    वहाँ मैं हूँ।

    तुम 
    अपने तक पहुँच जाओ
    तो मुझ तक भी पहुँच जाओगे।

    मैं 
    वह सुगन्ध हूँ
    जो पुष्प के अन्तर में है।

    मैं 
    तुम 
    हूँ।

    Puneet Shukla