मीडिया में महिला — Vandana Dave

Vandana Dave वैसे तो इस बात से इत्तेफाक नहीं रखना चाहिए कि मीडिया महिला और पुरूष में बँटा हुआ हो। मीडिया का काम लिंगभेद को समाप्त करना है न कि इसको बढ़ावा देना। महिलाओं को लेकर विश्वभर में अनेकों पत्र पत्रिकाएँ निकलती हैं। इनके कंटेंट को देखा जाए तो सालों से वही घिसापिटा चला आ रहा है। खूबसूरती, फैशन,पति, परिवार, घर, खाना आदि। अखबारों में भी इन्हीं विषयों के इर्द गिर्द नारी… Continue reading

कैंसर पीड़ित महिला

Vandana Dave(1)असहनीय पीङा थी कहने से शरमाती थीबढ़ता रक्तस्राव अश्रुओं में बह जाता थाकर घर के उपचारकाम में लग जाती थीबगल की गाँठदेखकरअनदेखा कर देती थीसीने पर लाल दानों कोअलइयाँ कहती थीनिप्पल से निकलते पदार्थ को बच्चे कादूध समझती थीइस अनहोनी से वह बिलकुल अंजानी सी थीएक दिन आखिर डरते डरते उसने बतलाया लेकिन देर बहुत हो चुकी थीमेहमान वो बसकुछ ही दिनों की थी(2)वस्त्रों से अपने को ढँकना हैछूपाना नहींदर्द कहीं भी होतोङ दो सहने का सलीका सबकुछ बतलाना हैदिल… Continue reading