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  • तस्मानिया 2016 – ओवरलैंड ट्रैक | इस्ट कोस्ट

    ग्रेगरी नॉड फ्रांस के हैं। फ्रांस के बेहतरीन संस्थान से इंजीनियरी में स्नातक हैं। ब्लाकबस्टर फिल्म “लेगो” के डिजाइनर रहे हैं। दुनिया की जानी मानी एनिमेशन मूवी बनाने वाली कंपनी में काम करते हैं। बहुत ही अच्छे फोटोग्राफर हैं। बहुत ही अच्छे चित्रकार भी हैं। लोगों की लाइफ पेंटिंग भी करते हैं। लाइफ पेंटिंग का मतलब स्त्री हो या पुरुष इनके सामने पूरी तरह से नंगे विभिन्न्न मुद्राओं में रहते हैं और ये उनका चित्र हाथ से कैनवास में बनाते हैं।

    इनकी एक शार्ट मूवी तस्मानिया के फिल्म समारोह के लिए चुनी गई है। चुनी गई फिल्म को फिल्म समारोह के कॉपी राइट आदि जैसे मसलों के कारण दिखा पाना संभव नहीं है। लेकिन उस फिल्म से मिलती जुलती दूसरी फिल्म आप यहां देख सकते हैं। यह फिल्म भी अच्छी बन पड़ी है।

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  • आस्ट्रेलिया के तस्मानिया राज्य की राजधानी होबार्ट सिटी-बस की एक लाजवाब यादगार घटना

    Public Bus, Hobart City. Tasmania state, Australia
    Public Bus, Hobart City.
    Tasmania state, Australia

     

    सन 2007 की बात है। मैं पहली बार तस्मानिया जा रहा था, मेरी जीवन साथी भी साथ थीं। हम लोग अपनी एक वैज्ञानिक मित्र के यहां रुकने वाले थे। उन्होंने तस्मानिया की राजधानी होबार्ट में घर खरीदा था और वहां के फारेस्ट विभाग में वैज्ञानिक की नौकरी करनी शुरू की थी।

    Wineglass Bay Tasmania, Australia
    Wineglass Bay, Tasmania, Australia

    तस्मानिया में एक घने जंगल में ट्रैकिंग करने की योजना थी। हमारी जीवन साथी के एक सहपाठी वैज्ञानिक मित्र पूर्वी अंटार्कटिका में दक्षिणी ध्रुव की ओर जा रहे थे।

    Antarctica
    Antarctica

    An antarctic station of a country
    An antarctic station

    वैज्ञानिक के रूप में उनकी पोस्टिंग अंटार्कटिका के एक वैज्ञानिकी स्टेशन में हुई थी। वे जिस विशेष समुद्री जहाज से अंटार्कटिका जा रहे थे उस जहाज को होबार्ट से चलना था। इन वैज्ञानिक मित्र महोदय से भी मिलना था।

    मैं और मेरी जीवनसाथी सिडनी से हवाई जहाज के द्वारा सुबह ही होबार्ट पहुंच गए थे। जिन वैज्ञानिक मित्र के घर में रुकना था वे हमें लेने के लिए एयरपोर्ट आईं थीं। घर पहुंच कर सामान रखकर कुछ नास्ता करके हम लोगों ने सिटी बस से होबार्ट घूमने देखने का निर्णय लिया।

    हम लोग बस स्टाप पहुंचे हमें कोई अंदाजा नहीं था कि कौन सा स्थान कहां है, दोनो ही पहली बार गए थे। बस आई रुकी हम लोग बस में चढ़े, बस चालिका के पास टिकट लेने गए और उस स्टाप का नाम बताया जहां हम उतरना चाहते थे। हमने निवेदन किया कि हम लोग होबार्ट से बिलकुल परिचित नहीं हैं इसलिए नहीं जानते कि हमें जहां उतरना है वहां पर बस रोकने के लिए बस का बजर कहां बजाना होगा। बस चालिका बोली कोई बात नहीं वह हमें हमारे स्टाप पर उतार देगी।

    बहुत लोग चढ़े उतरे, इस प्रक्रिया में बस चालिका हमारे बारे में भूल गई होगी। बस चलती रही हम लोग बैठे रहे। पूरी बस खाली हो गई, केवल हम लोग बैठे रहे। यहां तक कि बस अंतिम टरमिनल में पहुंच गई जहां उस बस को कुछ घंटे के लिए खड़ा रहना था। तब बस चालिका को ध्यान आया कि हम लोग अभी बस में ही हैं।

    बस चालिका ने हम लोगों के पास आई और विनम्रता से हमें होनी वाली असुविधा के लिए माफी मांगी। हमने कहा कि वह हमको बताए कि हम कौन से नंबर की बस पकड़ कर अपने स्टाप पर जाएं।

    बस चालिका ने कहा कि हमें किसी बस को पकड़ने की जरूरत नहीं है वह हमें हमारे स्टाप पर छोड़ कर आएगी। बस चालिका पूरी खाली बस केवल हम लोगों को लिए हुए अंतिम टरमिनल से लगभग 10 किलोमीटर वापस जिस स्टाप पर हम लोगों को उतरना था वहां तक लाई और हम लोगों को वहां उतारा।

    पता नहीं शायद उससे ऐसी गलती पहली बार हुई होगी, इसलिए वह खुद को माफ नहीं कर पा रही थी। इसलिए हम लोगों को हुई असुविधा के माफीनामें के तौर पर वह हम लोगों को काफी भी पिलाना चाहती थी। हम लोगों ने विनम्रता से मना कर दिया और उसकी विनम्रता के लिए उसको बार बार धन्यवाद ज्ञापित किया।

    यदि बस चालिका चाहती तो हम लोगों से अंतिम टरमिनल तक का अतिरिक्त किराया वसूलती और हमको दूसरी बस पकड़ कर जहां हमे जाना था वहां पहुंचने जैसा तरीका बताने जैसा व्यवहार भी कर सकती थी। बस चालिका सरकारी कर्मचारी थी, काफी अच्छा वेतन मिलता है, स्थायी नौकरी होती है। सिटी बस सरकार चलाती है।

    पब्लिक सर्विस मतलब पब्लिक को सुविधा देना, सम्मान देना, देखभाल करना। ऐसा पब्लिक सर्विसेस के तौर तरीकों व व्यवहारों में प्रमाणिकता के साथ दिखता है।

    पता नहीं भारत में पब्लिक सर्विस का मतलब समझने में कितनी सदियां लगेंगीं।

    (बताने की जरूरत नहीं है कि भारत में सरकारी बस वाले यात्रियों से कैसा सलूक करते हैं।)

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