न्यायालयों को महिलाओं से काम करने के लिए पूछना चाहिए बजाय पतियों को रहरखाव का भुगतान करने का आदेश देने के

आपने पितृसत्ता (patriarchy) को महिलाओं पर अनेक तरह की पाबन्दी लगाने और नुक्सान पहुँचाने के बारे में शायद सुना होगा | परन्तु अभी पुरुषों के अधिकार में काम करने वाले कार्यकर्ता भी पितृसत्ता के खिलाफ अपनी आवाज़ उठा रहे हैं | उकना मानना यह है कि आज कल के कोर्ट महिलाओं को आधुनिक विशेषाधिकार तो दे चुके हैं, परन्तु पुरुषों को पितृसत्तात्मक (patriarchal) भूमिकाओं में बाँध रखा है | हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पति को पत्नी के… Continue reading

‘Enjoy & Be Happy…’ लिखकर पति ने कर ली आत्‍महत्‍या

पति अपनी पत्‍नी से प्रताडि़त होकर सुसाइड करने से पहले परिजनों, दोस्‍तों और प्रशासन के लिए सुसाइड नोट छोड़ गया है। जो कि कुछ इस प्रकार है- भारत में इस तरह का कानून क्‍यों बना, जिसमें एक लड़की के मौखिक बयान को सच मानकर संबंधित सभी लोगों को परेशान किया जाता है। दूसरे पक्ष को तो अपनी बात रखने का मौका तक नहीं दिया जाता है। लड़की के सिर्फ मौखिक… Continue reading

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पति अपनी पत्‍नी से प्रताडि़त होकर सुसाइड करने से पहले परिजनों, दोस्‍तों और प्रशासन के लिए सुसाइड नोट छोड़ गया है। जो कि कुछ इस प्रकार है- भारत में इस तरह का कानून क्‍यों बना, जिसमें एक लड़की के मौखिक बयान को सच मानकर संबंधित सभी लोगों को परेशान किया जाता है। दूसरे पक्ष को तो अपनी बात रखने का मौका तक नहीं दिया जाता है। लड़की के सिर्फ मौखिक… Continue reading

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पति अपनी पत्‍नी से प्रताडि़त होकर सुसाइड करने से पहले परिजनों, दोस्‍तों और प्रशासन के लिए सुसाइड नोट छोड़ गया है। जो कि कुछ इस प्रकार है- भारत में इस तरह का कानून क्‍यों बना, जिसमें एक लड़की के मौखिक बयान को सच मानकर संबंधित सभी लोगों को परेशान किया जाता है। दूसरे पक्ष को तो अपनी बात रखने का मौका तक नहीं दिया जाता है। लड़की के सिर्फ मौखिक… Continue reading

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