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  • रोहतास जिले के भईसाहां पंचायत की आशा देवी –Santosh Kumar Singh

    रोहतास जिले के भईसाहां पंचायत की आशा देवी –Santosh Kumar Singh

    Santosh Kumar Singh

    ये हैं रोहतास जिले के भईसाहां पंचायत की आशा देवी। स्वच्छाग्रह की कार्यकर्ता हैं। स्वच्छता सचिव परमेश्वरन अय्यर की उपस्थिती में टूटी फूटी भोजपुरी हिंदी में स्वच्छता अभियान की अईसन खाका खिचिन की लगभग उपस्थित सबलोगों का आंख कमोबेश नम होई गवा।

    किस्सा यू हैं कि आशा देवी का दो बच्चा है एक मानसिक रूप से परेशान और दूसरा विकलांग। गांव गांव घूम के चूड़ी बेच के घर का काम चलाती हैं। संयोग से जब ये स्वच्छता अभियान से जुड़ीं तो इनको समझ में आया कि जिस बच्चे को लेकर परेशान है उसकी बीमारी का कारण शौचालय का अभाव, साफ सफाई की कमी भी हो सकता है। तो इन्होंने ठाना कि अब लोगों को शौचालय बनवाने के लिए जागरूक करेंगी।

    लेकिन समाज इतना जल्दी कहां मानता है जिसके घर जातीं और शौचालय बनवाने को कहतीं वो कहता कि आपके घर में शौचालय है। आशा को भी बात समझ में आया कि बात तो सही है जब अपने घर में ही नहीं है तो दूसरे को क्या उपदेश दें। इन्होने शौचालय बनवाने के लिए पती को कहा। पती का कहना था कि पैसा तो है नहीं। लेकिन आशा को भरोसा था कि बाली रखके उनका भाई पैसा दे देगा। लेकिन भाई ने साफ मना कर दिया। भाई के घर से वापस आ रही थीं तो रास्ते में वो बाली भी हेरा गया। पती के डर से चुप रहीं लेकिन औरत का श्रृंगार तो गहना है।

    लेकिन आशा ने ठान लिया था कि जब तक शौचालय नहीं बनेगा तब तक चुप नहीं बैठेगा। तो उन्होंने किसी से 5000 हजार रूपया उधार लेकर शौचालय बनवाया। अब वो लोगों को समझाती हैं इज्जत चाहिए तो बाजार से इज्जत खरीद लाईये लेकिन बाजार में इज्जत थोडूए न मिलता है..इज्जत तो शौचालय है।

    तो आशा देवी जईसन 20,000 हजार स्वच्छता कार्यकर्ता का जुटान अगले एक सप्ताह तक बिहार के अलग-अलग पंचायत में होने वाला है। 3 से 8 अप्रैल तक बिहार के हर पंचायत में अईसे स्वच्छाग्रहियों द्वारा स्व्च्छता संदेश दिया जायेगा। आपतो जानते ही हैं कि सब लोग चंपारण जा रहा है तो अपने प्रधानमंत्री भी 9 अप्रैल को चंपारण जायेंगे। वहां इन स्वच्छाग्रहियों का सम्मान होगा। लेकिन आशा देवी का किस्सा सुन मंगरूआ कहां चुप रहने वाला था। मंगरूआ ने परमेश्वरण अय्यर से पूछ ही लिया कि आप तो कहते हैं कि शौचालय बनवाने के लिए 12,000 रूपया मिलता है तो ई रूपया मिलता कब है क्या बाली बेचने के बाद या फिर बाली के हेराने का इंतजार है।

    Asha Devi

    Asha Devi with Santosh Kumar Singh

    Santosh Kumar Singh