नया राष्ट्रगान

Rajneesh Sachan Founder, MadhyaMargEditor, Ground Report India (Hindi) अपने अतीत की महानता के मिथ्या गर्व में डूबा एक देश थाकिसी दूसरी आकाशगंगा मेंकिसी और ग्रह परकिसी और प्रजाति के लोगों का उनकी भाषा से हिंदी में भावानुवाद किया जाए तो कुछ यूँ होगा कि-वे खुद को विश्व गुरु मानते थे ख़ैरउनकी भाषा में उनका भी हमारी तरह एक राष्ट्रगान थाजैसे हमारा अपना ‘जन गण मन’उनका संविधान थासंसद थी समूचे लोकतंत्र जैसी… Continue reading

मेरी कितनी दुनियाएँ हैं

Rajneesh [themify_hr color=”red”] मेरी कितनी दुनियाएँ हैं मैं कितनी ज़िंदगियाँ जीता हूँ एक साथ और कितने किरदारों में ख़ुद को समेटने की कोशिश करता हूँ मैं नहीं जानता ठीक-ठीक तो नहीं जानता या जानना नहीं चाहता पर कुछ के बारे में निश्चित तौर पर बता सकता हूँ कमरे के अन्दर और बाहर अलग हूँ मैं और यह बात दुनिया के हर कमरे पर लागू होती है सड़क के इस पार… Continue reading