नेहरु की विरासत की अवहेलना, भारतीय प्रजातंत्र को कमज़ोर करेगी –Prof Ram Puniyani

Prof Ram Puniyani पिछले कुछ वर्षों से, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा भारत के प्रथम प्रधानमंत्री और आधुनिक भारत के निर्माता जवाहरलाल नेहरु की विरासत को नज़रंदाज़ और कमज़ोर करने के अनवरत और सघन प्रयास किये जा रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों में उनका नाम लेने से बचा जा रहा है और कई स्कूली पाठ्यपुस्तकों में से उन पर केन्द्रित अध्याय हटा दिए गए हैं। राष्ट्रीय अभिलेखागार की भारत छोड़ो आंदोलन… Continue reading

नाम में क्या रखा है? बहुत कुछ :: अंबेडकर के नाम में ‘रामजी‘ पर जोर –Prof Ram Puniyani

Prof Ram Puniyani इन दिनों कई दलित संगठन, उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा उसके आधिकारिक अभिलेखों में भीमराव अंबेडकर के नाम में ‘रामजी‘ शब्द जोड़े जाने का विरोध कर रहे हैं। यह सही है कि संविधान सभा की मसविदा समिति के अध्यक्ष बतौर, अंबेडकर ने संविधान की प्रति पर अपने हस्ताक्षर, भीमराव रामजी अंबेडकर के रूप में किए थे। परंतु सामान्यतः, उनके नाम में रामजी शब्द शामिल नहीं किया जाता है। तकनीकी दृष्टि… Continue reading

मुस्लिम समुदाय में सुधार: समग्र दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत –Prof Ram Puniyani

Prof Ram Puniyani, RtdIIT Bombay हर्ष मंदर के लेख (द इंडियन एक्सप्रेस, मार्च 7, 2018) “सोनिया सेडली” और रामचंद्र गुहा के उसके प्रतिउत्तर में इसी समाचारपत्र में प्रकशित आलेख “लिबरल्स ओ” ने भारत में मुस्लिम समुदाय की स्थिति और उसमें सुधार की प्रक्रिया पर नए सिरे से एक बहस शुरू कर दी है।  यद्यपि इस प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले कई कारक हैं तथापि उन्हें मोटे तौर पर दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है -… Continue reading

भीमा कोरेगांव: ऐतिहासिक नायकों की तलाश में दलित –Prof Ram Puniyani

Prof Ram Puniyani महाराष्ट्र के कोरेगांव में एक जनवरी 2018 को उन दलित सिपाहियों, जो सन् 1818 में पेशवा के खिलाफ युद्ध में अंग्रेजों की ओर से लड़ते हुए मारे गए थे, को श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठा हुए दलितों के खिलाफ अभूतपूर्व हिंसा हुई।  सन् 1927 में अंबेडकर ने कोरेगांव जाकर इन शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि दी थी। दलितों द्वारा हर साल भीमा कोरेगांव में इकट्ठा होकर मृत सैनिकों को… Continue reading

सोशल इंजीनियरिंग के लिए इतिहास से छेड़छाड़

[themify_hr color=”red”] विभिन्न समुदायों को धार्मिक आधार पर ध्रुवीकृत करना और हिन्दू समुदाय में नीची जातियों का निम्न दर्जा बनाए  रखना, हिन्दू राष्ट्रवाद का प्रमुख एजेंडा है। इसी एजेंडे के तहत, मुस्लिम राजाओं को विदेशी आक्रांताओं के रूप में प्रस्तुत कर उनका दानवीकरण किया जाता रहा है। यह भी कहा जाता है कि उन्होंने भारत के लोगों को जबरदस्ती मुसलमान बनाने का प्रयास किया और इसी के नतीजे में, जाति प्रथा अस्तित्व में… Continue reading

मोदी सरकार के तीन साल

[themify_hr color=”red”] इस 26 मई को मोदी सरकार के तीन साल पूरे हो गए। इस अवसर पर विभिन्न शहरों में ‘मोदी फैस्ट’ के अंतर्गत धूमधाम से बड़े-बड़े समारोह आयोजित किए गए। इन समारोहों से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश समृद्धि की राह पर तेज़ी से अग्रसर हुआ है और कई उल्लेखनीय सफलताएं हासिल हुई हैं। मोदी को उनके प्रशंसक, ‘गरीबों का मसीहा’ बताते हैं। कई टीवी चैनलों… Continue reading

जातिगत अत्याचारों से बचने के लिए दलित अपना रहे हैं बौद्ध धर्म और इस्लाम

[themify_hr color=”red”] भारतीय समाज में जाति हमेशा से एक महत्वपूर्ण कारक रही है। अतीत से लेकर वर्तमान तक, राजनीति में जाति की भूमिका हमेशा से रही है। जाति व्यवस्था के उदय और उसके प्रचलन के बारे में कई अलग-अलग दावे और व्याख्याएं की जाती रही हैं। अंबेडकर का मानना था कि जाति की जड़ें, हिन्दू पवित्र ग्रंथों में हैं। परंतु हिन्दुत्व की विचारधारा के पैरोकारों का कहना है कि हिन्दू समाज में… Continue reading

भारत की कश्मीर नीतिः आगे का रास्ता

Prof Ram Puniyani [themify_hr color=”red”] कश्मीर घाटी में अशांति और हिंसा, जिसने बुरहान वानी की जुलाई 2016 में मुठभेड़ में हत्या के बाद से और गंभीर रूप ले लिया है, में कोई कमी आती नहीं दिख रही है। बल्कि हालात और खराब होते जा रहे हैं। अप्रैल 2017 में हुए उपचुनावों में बहुत कम मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान का प्रतिशत सात के आसपास था। इन उपचुनावों के दौरान हिंसा भी हुई जिसमें… Continue reading

बाबरी मस्ज़िद-राममंदिर विवादः न्याय ज़रूरी

राम पुनियानी [themify_hr color=”red”] एक लंबे इंतज़ार के बाद, उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जेएस खेहर ने कहा है कि काफी समय से लंबित रामजन्मभूमि बाबरी मस्ज़िद विवाद का हल न्यायालय के बाहर निकाला जाना चाहिए। उन्होंने इस मसले को सुलझाने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने का प्रस्ताव भी दिया। संघ परिवार के अधिकांश सदस्यों ने खेहर के इस कदम की प्रशंसा की। इसके विपरीत, मुस्लिम नेताओं के एक बड़े… Continue reading

राष्ट्रवाद-देशभक्ति पर जुनून का झंझावत

Dr Ram Puniyani Rtd Prof, IIT Bombay [themify_hr color=”red”]   दिल्ली के रामजस कॉलेज में हुए विवाद, जिसके चलते उमर खालिद को वहां इस आधार पर भाषण नहीं देने दिया गया कि उन्होंने राष्ट्र-विरोधी नारे लगाए थे, के बाद कई लोगों, जिनमें जानेमाने गायक अभिजीत भट्टाचार्य शामिल हैं, ने अभाविप का समर्थन किया है। पिछले साल की नौ फरवरी से, षासक दल की राजनीति से असहमत व्यक्तियों पर राष्ट्र-विरोधी का… Continue reading