किसानो को आख़िर चाहिये क्या?

Prem Singh
Agriculture Social Scientist

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  1. किसानो को चाहिये खाद, बीज, पानी, ऊर्जा और विचार में आत्मनिर्भरता, जो 1970 के पूर्व थी।
  2. शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय में समानता। क्योंकि किसान इनके बिना रह नही पता। और सरकार ने इन्हें धन कमाने का ज़रिया बना रखा है।
  3. समृद्धि आधारित ऐसा क्रशि का मॉडल जो लाभ हानि से मुक्त उभय त्रप्ती दायक हो। अर्थात पर्यावरण असंतुलन कारी एवं समाज को तोड़ने वाला न हो।
  4. उत्पादकों (किसानो) का सम्मान। अर्थात नीतिगत हस्तक्षेप का अधिकार, किसानी के कार्य को राष्ट्र कार्य घोषित करना, कार्बन क्रेडिट देना।

और ये होगा नीतिगत बदलाव से तथा मिनिमम हस्तक्षेप से। इसके लिए चाहिए ऐसी परिपक्व समझ के नीतिकार, जो सरकारों के पास हैं नहीं। इस समय वर्ल्ड बैंक के अंधनुकरण करने वाले लाभ -लालच आधारित अर्थ शास्त्री ही भरे पड़े हैं। जिनका अंधानुकरण स्वयं कर रही है परिणामों की विवेचना किए बिना।

 

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