मेरी खुराक है गलत का विरोध

Neelam Basant Nandini


मेरी ख़ुराक है
गलत का विरोध
शक्ति है..
मैंने खुद अर्जित की है

बदले में मतलबी, घंमडी, आलसी
और बुरी लडकी के खिताब पाए हैं..

अभी भी पूरी शक्ति से विरोध नहीं कर पाती
रिश्ते, मान-सम्मान
आड़े आ जाता है
अक्सर एक संस्कारी लडकी से
पराजित हो जाती हूँ मैं..

नौ गज लंबी ज़ुबान
चपड़ चपड़ चलती है
औरत जात को इतना नहीं बोलना चाहिए

मेरी दूर की दीदी की आँख डैमेज कर दी
उन लोगों ने
इतना भी मुँह नहीं चलाना चाहिए था उनको
तो क्या हुआ उनकी माँ को वैश्या बोल दिया तो….
पति/सास से बराबर ज़ुबान नहीं लड़ानी चाहिए थी…

पर कोई कीड़ा है
मेरे अंदर.. मेरी दूर की दीदी और उन जैसी कइयों के अंदर..
चुप्प नहीं रह पाता
बोलता है.. बहुत बोलता है
जब तक खुद पर लगे आरोप खारिज़ नहीं कर देता..
बोलता जाता है…

ये बोलना या मुंह चलाना
एक तरह से मजबूत पकड़/रस्सी है
जो अवसाद के कुँए में नहीं गिरने देती
जो न बोला तो धम्म से डिप्रेशन…!!

बोल बोल के अपने हक में लड कर
हल्की हो लेती हैं…
हम बदजुबान लड़कियाँ
इसीलिए टिकी रहती हैं

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