All posts in " Prem Singh "
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किसान संकट के बीज

Prem Singh बुंदेल खण्ड में ग्रीन रेवलूशन, गाँव से बाहर शहरों में पढ़े नव शिक्षित वर्ग के साथ १९७५ के आस पास ही गाँव में प्रवेश कर पाया इसके पहले नहीं। वही शिक्षित वर्ग जिसे गाँव वालों ने बड़े हसरत और प्यार से बाहर पढ़ने के लिए भेजा था, लौट आने के बाद भी बड़ा […]

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किसान

[themify_hr color=”red”] जी हाँ किसान जीन्स पहनता है, चश्मा लगाता है, मोटरसाइकिल भी चलाता है, बैल गाड़ी, ट्रैक्टर सहित सभी गाड़ियाँ चलाता है। दारू भी पीता है, ख़ूब नाचता, गाता भी है। किसान मजबूरीवश मज़दूर भी हो सकता है, रिक्शा, ताँगा भी चलाता मिल सकता है। इस देश का किसान बिना ज़मीन का भी होता […]

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किसानो को आख़िर चाहिये क्या?

[themify_hr color=”red”] किसानो को चाहिये खाद, बीज, पानी, ऊर्जा और विचार में आत्मनिर्भरता, जो 1970 के पूर्व थी। शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय में समानता। क्योंकि किसान इनके बिना रह नही पता। और सरकार ने इन्हें धन कमाने का ज़रिया बना रखा है। समृद्धि आधारित ऐसा क्रशि का मॉडल जो लाभ हानि से मुक्त उभय त्रप्ती […]