All posts in " Bihar "
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नितीश कुमार, भाजपा व बिहार : पसंद नापसंद के खाचों से इतर व्यवहारिक चर्चा

Vivek “Samajik Yayavar” [themify_hr color=”red”] यदि मार्च 2000 में जब नितीश कुमार केवल 8 दिनों के लिए बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, को छोड़ दिया जाए तो नितीश कुमार नवंबर 2005 में स्थाई रूप से बिहार के मुख्यमंत्री बने। 2005 में जनतादल (यू) व भाजपा ने बिहार में चुनाव मिल कर लड़ा था, वह भी […]

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बिहार में शराब क्रांति : लगभग 10 लाख महिलाएं व कुल 20 लाख से अधिक लोग

Vivek “Samajik Yayavar” Founder and Vice Chancellor, Gokul Social University शराब क्रांति जनांदोलन की बिहार राज्य में व्यापकता 20 लाख से अधिक लोगों से पूरे बिहार राज्य के हजारों गावों में विभिन्न माध्यमों से शराब के नशे की लत से नुकसान पर सीधा संवाद व चर्चा किया गया। 10 लाख लगभग महिलाओं का पूरे बिहार […]

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गोकुल सामाजिक विश्वविद्यालय की गोकुल-सेना का जनांदोलन व बिहार झारखंड राज्यों के सात जिलों के हजारों गांवों के कई लाख एकड़ असिंचित कृषिभूमि के लिए 43 वर्षों से अधूरी पड़ी सिचाई व जलविद्युत परियोजना

Vivek “Samajik Yayavar” Founder and Vice Chancellor, Gokul Social University [themify_hr color=”red”] फोटो के लिए दी गई लिंक्स पर जाइए जंतरमंतर, दिल्ली व कैबिनेट मंत्रियों से संबंधित फोटो स्थानीय अभियानों व यात्राओं की फोटो पुलिस व जेल भरो अभियान संबंधित फोटो   [themify_hr color=”red”] 1974 के बिहार व आज के बिहार व झारखंड राज्यों के […]

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बिहार: 40 से अधिक गांवों के 25000 लोगों के गोकुल सामाजिक विश्वविद्यालय के तत्वावधान में लगभग 6 साल के अथक परिश्रम से 5 करोड़ रुपए की लागत का जल-संरक्षण बांध व मजबूत चट्टानों का पहाड़ काट कर नहर बनाई तथा रामरेखा नदी को पुनर्जीवित किया

Vivek “Samajik Yayavar” Founder and Vice Chancellor, Gokul Social University [themify_box] वैशिष्ट्य : मजबूत व बड़ी पथरीली चट्टानों वाले जिंदा पहाड़ को काटकर 22 फुट गहरी, 17 फुट चौड़ी व 2 किलोमीटर लंबी नहर निकाली गई। इस नहर को “रामरेखा नहर” नाम दिया गया है। श्रमदान, स्थानीय सामग्री, पत्थर, बालू इत्यादि सहित नहर व बांध […]

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भारत के राष्ट्रपति के नाम 4100 वां पत्र

सेवा में, आदरणीय महामहिम भारतीय राष्ट्रपति जी, चरणस्पर्श। हम सही नहीं है। मगर आपकी सलामती की कामना करते हैं। हे राष्ट्रपति जी, पिछले ग्यारह (11) वर्षों से हर रोज आपके नाम हम पत्र लिख रहे हैं और यह हमारा 4100वां पत्र है। हर पत्र में मैंने लिखा है कि- “प्लीज हमें आपसे मिलने के लिए […]