• Home  / 
  • Aparna Anekvarna
All posts in " Aparna Anekvarna "
Share

प्रारम्भ-अंत प्रारम्भ-अंत…

Aparna Anekvarna मरते हुए फल फटते हैं उगल देते हैं बीज धरती धारण कर सेती है पुनर्जन्म तक दोमुंहे केशाग्र धर कर चला देती हूँ कैंची स्वस्थ हो उठते हैं नक्षत्र वहाँ मर चुके कबके जीवित है आज भी मगर रश्मि उनकी आखरी पन्ना पढ़ने के बाद बंद कर देती हूँ किताब बंद कर लेती […]

Share

प्रारम्भ-अंत-प्रारम्भ-अंत…

मरते हुए फल फटते हैं उगल देते हैं बीज धरती धारण कर सेती है पुनर्जन्म तक दोमुंहे केशाग्र धर कर चला देती हूँ कैंची स्वस्थ हो उठते हैं नक्षत्र वहाँ मर चुके कबके जीवित है आज भी मगर रश्मि उनकी आखरी पन्ना पढ़ने के बाद बंद कर देती हूँ किताब बंद कर लेती हूँ आँखें […]