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बिहार में शराब क्रांति : लगभग 10 लाख महिलाएं व कुल 20 लाख से अधिक लोग

Vivek “Samajik Yayavar” Founder and Vice Chancellor, Gokul Social University शराब क्रांति जनांदोलन की बिहार राज्य में व्यापकता 20 लाख से अधिक लोगों से पूरे बिहार राज्य के हजारों गावों में विभिन्न माध्यमों से शराब के नशे की लत से नुकसान पर सीधा संवाद व चर्चा किया गया। 10 लाख लगभग महिलाओं का पूरे बिहार […]

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गोकुल सामाजिक विश्वविद्यालय की गोकुल-सेना का जनांदोलन व बिहार झारखंड राज्यों के सात जिलों के हजारों गांवों के कई लाख एकड़ असिंचित कृषिभूमि के लिए 43 वर्षों से अधूरी पड़ी सिचाई व जलविद्युत परियोजना

Vivek “Samajik Yayavar” Founder and Vice Chancellor, Gokul Social University [themify_hr color=”red”] फोटो के लिए दी गई लिंक्स पर जाइए जंतरमंतर, दिल्ली व कैबिनेट मंत्रियों से संबंधित फोटो स्थानीय अभियानों व यात्राओं की फोटो पुलिस व जेल भरो अभियान संबंधित फोटो   [themify_hr color=”red”] 1974 के बिहार व आज के बिहार व झारखंड राज्यों के […]

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बिहार: 40 से अधिक गांवों के 25000 लोगों के गोकुल सामाजिक विश्वविद्यालय के तत्वावधान में लगभग 6 साल के अथक परिश्रम से 5 करोड़ रुपए की लागत का जल-संरक्षण बांध व मजबूत चट्टानों का पहाड़ काट कर नहर बनाई तथा रामरेखा नदी को पुनर्जीवित किया

Vivek “Samajik Yayavar” Founder and Vice Chancellor, Gokul Social University [themify_box] वैशिष्ट्य : मजबूत व बड़ी पथरीली चट्टानों वाले जिंदा पहाड़ को काटकर 22 फुट गहरी, 17 फुट चौड़ी व 2 किलोमीटर लंबी नहर निकाली गई। इस नहर को “रामरेखा नहर” नाम दिया गया है। श्रमदान, स्थानीय सामग्री, पत्थर, बालू इत्यादि सहित नहर व बांध […]

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बस्तर, छत्तीसगढ़ पर आने वाली पुस्तक का प्रस्तावना अध्याय

[themify_hr color=”red” width=”5″] अभी इस विमर्श को छोड़ देते हैं कि बस्तर का माओवाद वहां के आदिवासी समाज के लिए प्रतिबद्ध, ईमानदार व कल्याणकारी है या नहीं, यह भी छोड़ देते हैं कि बस्तर का माओवाद बस्तर के आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व वास्तव में करता है या नहीं, सबसे बड़ा व महत्वपूर्ण तथ्य कि बस्तर […]

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भ्रांतियों से मुक्त होकर रचनात्मक कान्फ्लिक्ट-रिजोलूशन की गतिमान प्रक्रियाओं को समझने से ही बस्तर में कल्लूरी जैसे पुलिस अधिकारियों की जरूरत व योगदान को समझना संभव हो सकता है

सामाजिक यायावर प्रस्तावना मेरा निवेदन स्वीकारें और खुले दिमाग से व्यवहारिकता के साथ इस लेख को पढ़ने का प्रयास कीजिए। लेख कुछ लंबा है इसलिए धैर्य की भी महती जरूरत है। यदि हम बस्तर क्षेत्र में कान्फ्लिक्ट रिजोलूशन में अपना योगदान देना चाहते हैं तो हमें बस्तर को वास्तविक धरातल से समझना पड़ेगा। बस्तर को […]

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खूबसूरत यादें लिए लौट चले शताब्दियों तक परित्यक्त रहे क्षेत्र अबुझमाड़, बस्तर के बच्चे अपनी दुनिया की ओर (फोटो लेख)

सामाजिक यायावर मेरे देश के सैकड़ों सालों से अछूते रहे क्षेत्र के बच्चे बाहरी दुनिया को देखने जानने समझने आए। यदि मैं भारत में होता तो किसी भी कोने से इन बच्चों के स्वागत के लिए पहुंचता भले ही असुविधा का सामना करना पड़ता क्योंकि मामला बच्चों के स्वागत का था। उन बच्चों के स्वागत […]

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आजाद भारत का अनोखा दिन – सैकड़ों वर्षों तक परित्यक्त रहे क्षेत्र अबुझमाड़ के बच्चों से भारत के राष्ट्रपति मिले और विशिष्ट अतिथियों जैसा आदर व स्नेह देते हुए स्वादिष्ट भोजन कराया

सामाजिक यायावर ढंके की चोट पर पूरी ताकत से कहना चाहता हूं कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमण सिंह जी के दिशा निर्देशन में बस्तर में चल रहे कान्फ्लिक्ट रिजोलूशन की दिशा में किए जाने वाले दूरदर्शी व जमीनी रचनात्मक कार्यों ने बस्तर का वास्तविक चेहरा बहुत ही अधिक बदला है। इसी कड़ी में अबुझमाड़ जैसे […]

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अबुझमाड़ में इतिहास रचती टामन सिंह सोनवानी, IAS, की प्रशासनिक टोली

सामाजिक यायावर मुझसे बहुत लोग असहमत रहते हैं इसके बावजूद मेरा दृढ़ता पूर्वक मानना है कि बस्तर में रमण सिंह जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रशासन संघर्ष-समाधान के लिए दीर्घकालिक रचनात्मक समाधान-प्रयासों के साथ प्रयासरत है। समाधान के लिए किए गए प्रयासों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण यह होता है कि जो जमीन पर कार्य करने […]