• Home  / 
  • आपके आलेख
  •  /  उत्तर प्रदेश में आगामी राज्य सरकार (Role Model State Government) के गठन हेतु आवेदन /दावा

उत्तर प्रदेश में आगामी राज्य सरकार (Role Model State Government) के गठन हेतु आवेदन /दावा

अपेक्षा, अनुरोध एवं अपील 

पढ़कर मानसिक सांत्वना दें, इससे सस्ती और सुलभ मांग क्या हो सकती है l आप चाहें तो अपने पास – पडोसी, प्रियजन, पुरजन, मित्रजन एवं शत्रुजन को अग्रसारित कर सकते हैं।

विजय हो आपकी ! विजय हो आप सब के माँ बापकी !

– हर समस्या का एक मात्र विकल्प –
” सम्पूर्ण अव्यवस्था परिवर्तन अभियान “

विवेक स्पर्श के  साथ कानपुर से डॉ वी एन “पाल” 

[themify_hr color=”red” border_width=”5″]

13-02-2017 (समय 13-13-13)

प्रतिष्ठा में-

महामहिम राज्यपाल श्री  राम नाइक जी,
उत्तर प्रदेश सरकार-लखनऊ।

विषय : उत्तर प्रदेश में आगामी राज्य सरकार(Role  Model State Government) के गठन हेतु आवेदन /दावा

द्वारा- जिलाधिकारी कानपुर नगर


महामहिम राज्यपाल जी,
विवेक स्पर्श।

आपने विभिन्न चरणों में अधिसूचनाए जारी करके चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से अगली राज्य सरकार के गठन हेतु प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है, हालाँकि किसी  भी अधिसूचना की अधिकृत जानकारी किसी भी संप्रभु नागरिक / मतकर्ता / मतदाता को serve / प्राप्त नहीं  करायी गयी है  l हाँ मुट्ठी भर लोगों को लोकतंत्र के तथाकथित चौथे स्तम्भ  के शोर शराबे के माध्यम से अवश्य प्राप्त हुई है , हो रही है Notice is not served to all concerned and the process of election is initiated traditionally by the election commission which is not fair . लोकतंत्र में जनता के द्वारा जनता के लिए जनता की सरकार  (जन जन की सरकार ) का गठन होना चाहिए था लेकिन अब तक दल दल की दलीय सरकारों का गठन होता आया है People’s  Representative Act जन प्रतिनिधि के  चुनाव के लिए है  लेकिन उसकी जगह दल प्रतिनिधि के चुनाव हो रहे  है।

संविधान में दो ही सरकारों की व्यवस्था है एक राज्य सरकार दूसरी संघ सरकार / भारत सरकार(Union Government  of India) l संविधान में केंद्र सरकार का कोई जिक्र/अनुमोदन   नहीं है और फिर किसी भी पहचान / नाम से सरकार  हो ही  नहीं सकती l  जैसे  राष्ट्रपति या राज्यपाल की कोई दलीय पहचान नहीं होती है वैसे ही प्रधानमंत्री ,मुख्यमंत्री , मंत्री, जन प्रतिनिधि की सदन में संविधान  की शपथ खाने के बाद पहचान स्वत: समाप्त हो जाती हैl पहचान बनाये रखना  संविधान  का घोर अपमान है l 

संविधान के अनुसार कोई भी संप्रभु नागरिक छह महीने के लिए सरकार बनाने की पहल कर सकता है सदन के सदस्य  न होने पर भी  प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं मंत्री बनते रहे हैं। छह महीने के लिए बन सकते है बशर्ते  वह राष्ट्रपति या राज्यपाल / जन जन  को सम्पूर्ण  संतुष्टि प्रदान कर सके l पूरे देश / प्रदेश के जन जन के कल्याण के लिए कार्य कर सके l इसके लिए सदन में सरकार के दावेदारों को अपनी अपनी सरकार प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाना चाहिये l फिर सदन में बहुमत या सर्व सम्मत से चुनाव आयोग की देखरेख में सरकार का चुनाव होना चाहिए l इस तरह से चुने हुए व्यक्ति / सरकार को सदन के अनुरोध पर   नियुक्ति पत्र जारी करने से पूर्व  राष्ट्रपति या राज्यपाल को विवेकाधिकार जो उनका विशेषाधिकार है का  प्रयोग करते हुए पूरी छानबीन कर आश्वस्त होकर सदन में शपथ ग्रहण करानी चाहिए अन्यत्र नहीं l असम्बैधानिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने के लिए अग्रिम त्याग पत्र लिया जा सकता है संपत्ति एवं स्वत:लिखित  प्रमाण पत्र भी लिया जा सकता है l

मै दलीय गिरोह बंधन से मुक्त, सच्ची संबैधानिक, लोकतान्त्रिक, जाति निरपेक्ष, धर्म निरपेक्ष, पन्थ निरपेक्ष, वित्त निरपेक्ष, लिंग निरपेक्ष  एवं संप्रदाय निरपेक्ष  नवगठित की जाने वाली सरकार के लिए  प्रस्ताव भेज कर आवेदन कर रहा हूँ l मेरा दावा है कि मै और मेरी सरकार का प्रत्येक सदस्य आपको / पूरे सदन को / जन जन को  -सम्पूर्ण  संतुष्टि प्रदान करने  में सक्षम है  -मुझे अपनी सरकार  आपके सम्मुख बंद कमरे में एवं संतुष्ट होने पर सदन में प्रस्तुत करने के अवसर दीजिये l मेरे पास तरह तरह की (Role  Model State Governments) हैं l 

क्रमश : 

आपका शुभेक्षु,

डॉ विजय नारायण ” पाल ”
राम गंगा हाऊसिंग कॉम्प्लेक्स,
जी टीरोड नारामऊ / मंधना कानपुर
उत्तर प्रदेश.

About the author

.

Leave a comment: