Breaking News

अस्वीकरण (डिस्क्लेमर)

लेख में विचार लेखक के अपने विचार हैं। ग्राउंड रिपोर्ट इंडिया में प्रकाशित होने का तात्पर्य लेखक के विचारों से ग्राउंड रिपोर्ट इंडिया या संपादक या टीम आदि की सहमत होना नहीं हैं। - संपादकीय टीम

7 Comments

  1. govind goyal,sriganganagar
    September 25, 2009 @ 21:29

    narayan narayan

    Reply

  2. shashaank shukla
    September 25, 2009 @ 18:49

    मयंक जी से सहमत हूं

    Reply

  3. mayank
    September 25, 2009 @ 05:08

    महोदय,
    आपका लेख यह सिद्ध करता है की आपको RTI की बारीकियों और संविधान की गलियों की चौडाई का उसी तरह ज्ञान नहीं जिस तरह नेताओ को नहीं होता है | आपने RTI की जो तारीफ करी है वो तारीफ-ऐ-काबिल है किन्तु आप भूल रहे है की media भी कीसी तरह बिक चुकी वास्तु का हे नाम है जिसे आप और हम पढ़ रहे है |
    मै आपको बताना चाहुगा की इंदौर क्षेत्र में ३ हत्याए एसे लोगो की हुए हिया जो NGO चलते थे और जिका कीसी से कोई विवाद नहीं था बस जो सुई इशारा कर रही अहि वो उनकी RTI की और कर रही है | मीडिया ने भी इसका प्रचार इसी तरह कर यहाँ बता दिया की “ज्यादा RTI का इस्तेमाल आपकी जान के लिए खतरा हो सकता है “|

    बात आती है “सूचना के अधिकार हेतु DATA collection की अर्जी प्रक्रिया की ” | यहाँ बात एक उद्धरण से समझे ” आपने passport बनाने हेतु आवेदन दिया और उसके पीछे एक सूचना का अधिकार लगा दिया उसकी दैनिक प्रगति रिपोर्ट का . . . .तो आपकी प्रक्रिया में लगने समय करीब-करीब दुगना हो जायेगा क्युकी प्रति टेबल उसकी एक अवाक्-जावक प्रति का निर्माण होगा जो उस टेबल पर बैठे बाबू की उम्र,उसकी कार्यक्षमता के आधार पर होगा जिसको आप कभी चुनौती नहीं दे सकते है “|

    संविधान निर्माता ने जो गलते करे वू ये थी की उन्होंने देश की पूरी जनसँख्या को साक्षर मान लिया था नतीजन जिटल से जटिल नियम बन गए और मुर्ख तो मुर्ख देश के विद्वान् भी इसके आगे फीके पड़ गए |

    आपके नए प्रयास के सराहना के साथ
    -मयंक

    Reply

    • Vivek Umrao Glendenning
      September 25, 2009 @ 12:44

      अादरणीय मित्र मयंक जी,
      अापने लेख पढ़ा इसके लिये मैं अापका अाभारी हूं। मैंने अापकी कमेंट को ध्यान से पढ़ा अौर फिर अपना लेख पढ़ा, मुझे ऐसा लगा कि कहीं अापने लेख जल्दबाजी में तो नहीं पढ़ा है। एक अनुरोध कि अाप कभी समय निकाल कर इस लेख को फिर से पढ़ें अौर एक बार अौर अपनी कमेंट दें।
      सप्रेम व सादर,
      अापका
      विवेक उमराव

      Reply

  4. Hello Mithilaa
    September 25, 2009 @ 02:16

    Bahut Barhia… aapka swagat hai… isi tarah likhte rahiye…

    thanx
    http://mithilanews.com

    Please Visit:-
    http://hellomithilaa.blogspot.com
    Mithilak Gap…Maithili Me

    http://mastgaane.blogspot.com
    Manpasand Gaane

    http://muskuraahat.blogspot.com
    Aapke Bheje Photo

    Reply

  5. rachana gaur bharti
    September 24, 2009 @ 22:46

    चिट्ठा जगत में आपका हार्दिक स्वागत है. सतत लेखन के लिए शुभकामनाएं. मेरे ब्लोग पर आपका इंतजार है।

    Reply

  6. amit k sagar
    September 24, 2009 @ 21:19

    चिट्ठा जगत में आपका हार्दिक स्वागत है. सतत लेखन के लिए शुभकामनाएं. जारी रहें.


    Till 30-09-09 लेखक / लेखिका के रूप में ज्वाइन [उल्टा तीर] – होने वाली एक क्रान्ति!

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to Top